कोई रात पूनम तो कोई रात अमावस
चांदनी उसकी जो चाँद पाना सीख ले.
यूँ तो सभी आये हैं रोते हुए जहाँ में
सारा जहाँ उसका जो मुस्कुराना सीख ले.
कुछ भी नजर न आये अंधेरों में रहकर
रौशनी है उसकी जो शमा जलना सीख ले.
हर गली में मंदिर है हर राह में मस्जिद
ईश्वर है उसका जो सर झुकाना सीख ले.
हर सीने में दिल हर दिल में प्यार है
प्यार मिले उसको जो दिल लगाना सीख ले.
चांदनी उसकी जो चाँद पाना सीख ले.
यूँ तो सभी आये हैं रोते हुए जहाँ में
सारा जहाँ उसका जो मुस्कुराना सीख ले.
कुछ भी नजर न आये अंधेरों में रहकर
रौशनी है उसकी जो शमा जलना सीख ले.
हर गली में मंदिर है हर राह में मस्जिद
ईश्वर है उसका जो सर झुकाना सीख ले.
हर सीने में दिल हर दिल में प्यार है
प्यार मिले उसको जो दिल लगाना सीख ले.

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