Showing posts with label - अहमद नदीम क़ासमी |. Show all posts
Showing posts with label - अहमद नदीम क़ासमी |. Show all posts

Wednesday, February 24, 2016

तमाम उम्र वफ़ा के गुनाहगार रहे,
ये और बात कि हम आदमी तो अच्छे थे.
-
अहमद नदीम क़ासिम
दिल गया था तो ये आँखें भी कोई ले जाता,
मैं फ़क़त एक ही तस्वीर कहाँ तक देखूँ |

-
अहमद नदीम कासमी

Sunday, February 21, 2016

लबों पे नर्म तबस्सुम रचा के धुल जाएँ,
ख़ुदा करे मेरे आँसू किसी के काम आएँ |
-
अहमद नदीम क़ासमी |