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Thursday, June 30, 2016

अच्छा यक़ीं नहीं है तो कश्ती डुबो के देख,
एक तू ही नाख़ुदा नहीं ज़ालिम, ख़ुदा भी है |

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क़तील शिफ़ाई

Thursday, June 16, 2016

उफ वह संगमरमर-सा तराशा हुआ शफ्फाफ बदन,
देखने वाले उसे ताजमहल कहते हैं।
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कतील' शिफाई
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शफ्फाफ - (i) स्वच्छ, उज्जवल, चमकदार (ii) निर्मल, साफ, शुद्ध

Wednesday, February 24, 2016

क्या मसलहतशनास था वो आदमी 'क़तील',
मजबूरियों का जिस ने वफ़ा नाम रख दिया |

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क़तील शिफाई

Friday, February 19, 2016

उल्फत की नई मंज़िल को चला, तू बाँहें डाल के बाँहों में,
दिल तोड़ने वाले देख के चल, हम भी तो पड़े हैं राहों में.
-क़तील शिफाई