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Thursday, November 3, 2016

वह आये बज्म में इतना तो 'मीर' ने देखा,
उसके बाद चरागों में रौशनी न रही।
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मीरतकी 'मीर'

Thursday, June 16, 2016

आँखों में जी मेरा है इधर यार देखना,
आशिक़ का अपने आख़री दीदार देखना |
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मीर तक़ी मीर

Tuesday, June 14, 2016

उम्मीदवार वादा-ए-दीदार मर चले,
आते ही आते यारों क़यामत को क्या हुआ.
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मीर तकि मीर

Tuesday, March 8, 2016

इस अहद में इलाही मोहब्बत को क्या हुआ,
छोड़ा वफ़ा को उनने मुरव्वत को क्या हुआ.
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मीर तक़ी मीर

Thursday, February 25, 2016

दिल की हक़ीक़त अर्श की अज़मत सब कुछ है मालूम हमें,
सैर रही है अक्सर अपनी इन पाकीज़ा मकानों में.
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मीर तक़ी मीर

Wednesday, February 24, 2016

बात क्या आदमी की बन आई,
आसमां से ज़मीन नपवाई.
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मीर तकी मीर

Sunday, February 21, 2016

दिल के ताईं आतिश-ए-हिज्राँ से बचाया न गया,
घर जला सामने पर हम से बुझाया न गया |
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मीर तकी मीर