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Sunday, August 21, 2016

यह दस्तूरे-जबाबंदी है कैसी, तेरी महफिल में,
यहाँ तो बात करने को तरसती है जबाँ मेरी।
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मोहम्मद 'इकबाल'

1.
जबाबंदी - बोलने की मनाही

Saturday, June 25, 2016

जफा जो इश्क में होती है वह जफा ही नहीं,
सितम न हो तो मुहब्बत में कुछ मजा ही नहीं।
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मोहम्मद इकबाल

जफा - जुल्म, अत्याचार