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-मोहम्मद इकबाल
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Sunday, August 21, 2016
यह दस्तूरे-जबाबंदी है कैसी
,
तेरी महफिल में
,
यहाँ तो बात करने को तरसती है जबाँ मेरी।
-
मोहम्मद
'
इकबाल
'
1.
जबाबंदी - बोलने की मनाही
Saturday, June 25, 2016
जफा जो इश्क में होती है वह जफा ही नहीं
,
सितम न हो तो मुहब्बत में कुछ मजा ही नहीं।
-
मोहम्मद इकबाल
जफा - जुल्म
,
अत्याचार
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