Showing posts with label - अथर नफीस. Show all posts
Showing posts with label - अथर नफीस. Show all posts

Thursday, June 30, 2016

मेरे होंठों का तबस्सुम दे गया धोखा तुझे,
तूने मुझको बाग़ जाना देख ले सेहरा हूँ मैं |

-
अथर नफीस

Tuesday, February 23, 2016

मेरे होंठों का तबस्सुम दे गया धोखा मुझे,
तूने मुझको बाग़ जाना देख ले सहरा हूँ मैं.
-
अथर नफीस

Sunday, February 21, 2016

इक आग ग़म-ए-तन्हाई की जो सारे बदन में फैल गई,
जब जिस्म ही सारा जलता हो फिर दामन-ए-दिल को बचाएँ क्या |
-
अथर नफीस