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Thursday, September 22, 2016
क़यामत है ये कह कर उस ने लौटाया है क़ासिद को
,
कि उन का तो हर इक ख़त आख़िरी पैग़ाम होता है.
-
शेरी भोपाली
क़ासिद पयाम-ए-शौक़ को देना बहुत न तूल
,
कहना फ़क़त ये उन से कि आँखें तरस गईं.
-
जलील मानकपुरी
है ये मेरी बदनसीबी तेरा क्या क़सूर इस में
,
तेरे ग़म ने मार डाला मुझे ज़िंदगी से पहले.
-
फैय्याज़ हाश्मी
क्या जाने क्या हुआ के परेशान हो गए
,
इक लहज़ा रुक गई थी सबा तेरे शहर में
|
-
ख़ातिर गज़नवी
किनारों से मुझे ऐ नाख़ुदा दूर ही रखना
,
वहाँ लेकर चलो तूफाँ जहाँ से उठने वाला है
|
-
अली अहमद जलीली
जब सफीना मौज से टकरा गया
,
नाख़ुदा को भी ख़ुदा याद आ गया
|
-
फ़नी निज़ामी कानपुरी
सफीना =
boat
मौज =
wave,
लहर
Friday, September 9, 2016
काश
वो
अपने
ग़म
मुझे
दे
दें
तो
कुछ
सुकूँ
मिले
,
वो
कितना
बदनसीब
है
ग़म
ही
जिसे
मिला
नहीं
.
-
तस्लीम
फ़ाज़ली
दिल गवारा नहीं करता शिकस्ते-उम्मीद
,
हर तगाफुल पै नवाजिश का गुमां होता है।
-'
रविश
'
सिद्दकी
तगाफुल - उपेक्षा
,
नवाजिश - मेहरबानी
,
कहने को लफ्ज दो हैं
,
उम्मीद और हरसत
,
लेकिन निहां इसी में
,
दुनिया की दास्तां है।
-
नातिक लखनवी
निहां - गुप्त
,
छिपा हुआ
क्या जाने क्या हुआ के परेशान हो गए
,
इक लहज़ा रुक गई थी सबा तेरे शहर में
|
-
ख़ातिर गज़नवी
जब सफीना मौज से टकरा गया
,
नाख़ुदा को भी ख़ुदा याद आ गया
|
-
फ़नी निज़ामी कानपुरी
सफीना =
boat
मौज =
wave,
लहर
Sunday, August 21, 2016
उस ने पूछा था कई बार मगर क्या कहिये
,
हम मिज़ाजन ही परेशान रहा करते थे
|
-
शाज़ तम्कनत
|
मिज़ाजन=
by nature,
आदत से
इस तरह सताया है परेशान किया है
,
गोया की मुहब्बत नहीं एहसान किया है
|
-
अफज़ल फिरदौस
तमाम उम्र तेरा इन्तज़ार हम ने किया
,
इस इन्तज़ार में किस किस से प्यार हम ने किया
|
-
हाफिज़ होशियारपुरी
नाख़ुदा डूबने वालों की तरफ मुड़ के न देख
,
न करेंगे
,
न किनारों की तमन्ना की है
|
-
सालिक लखनवी
Wednesday, August 10, 2016
दुनिया पे ऐसा वक़्त पड़ेगा कि एक दिन
,
इन्सान की तलाश में इन्सान जाएगा
|
-
फ़ना निज़ामी कानपुरी
Thursday, June 30, 2016
सितारों जैसी ये आँखें ये चाँद सा चेहरा
,
तुम्हारा सिलसिला कुछ आसमाँ से मिलता है
|
-
वज्जिदा तबस्सुम
वो उस का अक्स-ए-बदन था कि चांदनी का कँवल
,
वो नीली झील थी या आसमाँ का टुकड़ा था
|
-
शकेब जलाली
इश्क़ में ऐसे भी हम डूबे हुए हैं आप के
,
अपने चेहरे पे सदा होता है धोखा आप का
|
-
वाजिदा तबस्सुम
Saturday, June 25, 2016
आदतन धोखा दिया उसने
,
मगर मैं चुप रहा
मेरी आदत है
,
बस तमाशा देखता रहता हूँ मैं।
...........
तिलक राज कपूर
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