तुम्हारे हाथों को अपनी हथेलियों में
समेटता रहूँ, ये अधिकार मिले…
तुम्हारी आँखों में अपनी आत्मा का
प्रतिबिंब पाता रहूँ, ये सौभाग्य मिले…
रात की ख़ामोशी में तुम और मैं
बस एक धुन में बहते रहें…
तुम्हारे बालों में अपनी उंगलियाँ खोकर,
हर उलझन सुलझाता रहूँ…
और आलिंगन में बंद होकर
तुम्हें इतनी गर्मी और प्यार मिले,
कि दिल की हर दरार भर जाए…🌸🧡
#शांडिल्य