मोहब्बत का दिया दिल में जलाना सीख लेते हैं,
अँधेरों में भी हँसकर मुस्कुराना सीख लेते हैं।
तेरी यादों की खुशबू साथ चलती है सफ़र भर में,
तेरे बिन भी तुझे हर पल निभाना सीख लेते हैं।
न कोई शर्त, न शिकवा, न कोई फ़ासलों का डर,
जो सच्चा इश्क़ करते हैं, निभाना सीख लेते हैं।
#शांडिल्य