Tuesday, September 1, 2026

कशिश है कयामत है शामत है तिरी शर्मीली आँखो मे
की मचल जाती है जान-ए-तलब तिरी नीली आँखो मे

बहकने को बहुत है बहाने जाँ-ए-जिगर तिरी साँसो मे
मगर ठहर जाता हूँ सुबहो शाम तिरी नशीली आँखो मे

डूब जाने की परवाह  किसे है जानिब सफर है इश्क मे
मगर हम तो तैरते रहते है शीशे सी चमकीली आँखो मे

#शांडिल्य

Monday, August 31, 2026

ओढ़नी जब लहराती है हवा के संग,
लगता है जैसे मौसम गुनगुनाता है।

कभी रंगों में सिमटती है कोई चाहत,
कभी चेहरे पर आकर शर्माती है।

उसकी हर सिलवट में छुपी है कहानी,
जो बिना कहे भी दिल को समझाती है।

ओढ़नी सिर्फ़ कपड़ा नहीं होती,
किसी की यादों की खुशबू बन जाती है।

#शांडिल्य

Saturday, August 29, 2026

दिल ने जब भी तुझे चुपके से पुकारा है,
तेरी यादों ने मुझे आकर सँवारा है।

दूर होकर भी तू दिल से कहाँ दूर हुआ,
तेरा एहसास ही जीने का सहारा है।

रात तन्हा हो तो आवाज़ तेरी आती है,
जैसे खामोश फ़िज़ाओं ने पुकारा है।

जिसे दुनिया ने समझा था मेरा ख़्वाब कभी,
वही ख़्वाब आज भी दिल को प्यारा है।

#शांडिल्य

Friday, August 28, 2026

बिसात पर मोहरे सभी बराबर लगते हैं,
वक़्त की चाल चले तो रिश्ते बदलते हैं।
राजा भी यहाँ अपनी चाल में मजबूर है,
प्यादा बढ़ता रहे तो मंज़िल दूर नहीं।

कुछ चालें जीत देती हैं, कुछ सबक दे जाती हैं,
शतरंज की तरह ज़िंदगी भी चालें सिखाती है।
हार से घबराना नहीं, खेल अधूरा मत छोड़,
कभी एक छोटी-सी चाल भी बाज़ी पलट जाती है।

#शांडिल्य

Sunday, August 16, 2026

महेंदी

हथेली पर जब तेरी मेहंदी का रंग आया,
दिल ने फिर कोई पुराना ख़्वाब सजाया।

तेरे नाम की लकीरें जो उभर आईं,
चाँद ने भी शरमा के अपना चेहरा छुपाया।

महकी-सी हर साँस, हर पल हुआ हसीन,
तेरी मेहंदी ने जैसे मौसम महकाया।

रंग गहरा हुआ तो दिल ने ये कहा—
तूने चुपके से मुझे अपना बनाया।

#शांडिल्य

Friday, August 14, 2026

वो पहली-सी अब दिल में चाहत नहीं रही,
तेरे बिना भी जीने की आदत नहीं रही।

जो बात तेरी आँखों में पढ़ लेते थे कभी,
अब आँखों में वो पहले-सी शरारत नहीं रही।

हमने भी छोड़ दी है तेरा इंतज़ार अब,
दिल में किसी के लौटने की हसरत नहीं रही।

कल तक जो ज़िंदगी थी तेरे नाम से मेरी,
अब उस कहानी में कोई आहट नहीं रही।

#शांडिल्य

Tuesday, August 11, 2026

खुशबूदार चहेरा

चाँदनी रातों में दिखता है तेरा खुशबूदार चेहरा,
दिल को फिर याद आ जाता है वो खुशबूदार चेहरा।

एक नज़र पड़ते ही मौसम महकने लगता है,
फूल भी शर्मा के कहता है—ये खुशबूदार चेहरा।

दूर होकर भी मेरी साँसों में रहता है सदा,
याद बनकर मुस्कुराता है वो खुशबूदार चेहरा।

जिसको देखा तो मोहब्बत हो गई बेइंतहा,
मेरी दुनिया का सहारा है वो खुशबूदार चेहरा। 

#शांडिल्य