Tuesday, June 16, 2026

लेखक की दिनचर्या........✍️
सुबह की धूप में नहीं,
स्याही की महक में खिलती है।
जहाँ दुनिया रोटियाँ गिनती है,
लेखक ख्वाहिशें गिनता है—
शब्दों के पन्नों पर।

लेखक का भोजन —
कभी चाय की चुस्की,
कभी दर्द की घूँट, 
और कभी तन्हाई का निवाला होता है।

लोग समय काटते हैं,
लेखक समय से लड़ता है,
ताकि एक पंक्ति उसके होने की गवाही दे सके।"
"लेखक की थकान—
नींद से नहीं मिटती, 
बल्कि अधूरी कहानियों से मिटती है।

#शांडिल्य

Saturday, June 13, 2026

"दो दिन हो गए हैं...
कलम हाथ में नहीं है,
क्या लिखूं? क्यों लिखूं? समझ नहीं आ रहा।

..."जब दिल में पीड़ा हो
और अनगिनत सवाल भीतर घुमड़ रहे हों,
तो हृदय नहीं मानता कि इधर-उधर की बातें लिखूं।

~"शब्द रूठे पड़े हैं...
काया की पीड़ा लिख भी दूं
तो कौन पढ़ेगा? कौन समझेगा?

मुझे पता है...
इसीलिए!
काया और कलम दोनों अब मौन हैं...

#शांडिल्य

Wednesday, June 10, 2026

ए सुनो,
"दुनिया के अध्याय को समझने के बाद 
जीवन क्षणिक लगने लगता है...

तुम कैसे हो ?......मै नहीं पूछूंगा"
क्योंकि ¿ मुझे पता है आपकी प्रत्युत्तर 

तुम आज में उलझे हो,
और मैं आने वाले ``भविष्य`` कल में खोया हूं...

तुम्हारे और मेरे सफ़र में...
फर्क इतना सा ही है ....."!" बस ♥️

#शांडिल्य

Friday, June 5, 2026

सुबह की पहली #लफ़्ज़ों की बारिश...

"तेरी यादें
आज फिर सूरज से पहले जाग गईं —
न चाय बनी,
न अख़बार खोला,
बस तन्हा खिड़की पर बैठा रहा
जैसे कोई पुरानी चिट्ठी पढ़ता हूँ...
हर लफ़्ज़ में —
तेरा नाम भीगता रहा।"
---🩷💚

#शांडिल्य

Friday, May 29, 2026

कुछ लोग मन के 
उस कोने में रहते हैं...
जहाँ रोशनी नहीं पहुँचती
पर सबसे ज्यादा उजाला,
उसी कोने में होता है...
सुकून साँस लेता है वहाँ...
और ज़िंदगी के चंद पल 
ख़ुशनुमा हो जाते हैं...!!

#शांडिल्य

Wednesday, May 27, 2026

प्रेम की धुन पर नाचती मीरा ने 
खुद को कृष्ण में पाया,

जहाँ हर धड़कन, हर साँस, 
सिर्फ श्याम के नाम थी।

उसकी आँखों में विराजती थी केवल भक्ति 
और हर पल उसके हृदय ने कहा
मैं सिर्फ तेरा हूँ, श्याम।" 🩷+💙 =🫂

#शांडिल्य

Sunday, May 24, 2026

तुम्हारे हाथों को अपनी हथेलियों में 
समेटता रहूँ, ये अधिकार मिले…
तुम्हारी आँखों में अपनी आत्मा का 
प्रतिबिंब पाता रहूँ, ये सौभाग्य मिले…
रात की ख़ामोशी में तुम और मैं 
बस एक धुन में बहते रहें…
तुम्हारे बालों में अपनी उंगलियाँ खोकर, 
हर उलझन सुलझाता रहूँ…
और आलिंगन में बंद होकर 
तुम्हें इतनी गर्मी और प्यार मिले,
कि दिल की हर दरार भर जाए…🌸🧡

#शांडिल्य