ए सुनो —
न मेरे पास सोने के ख़ज़ाने हैं,
न वैभव के महल…
पर हाँ—
एक वचन है मेरे पास, "कि
मैं तुम्हारे संग रहूँगा जीवन की हर आँधी
और हर बहार में।
चाहे थकान हो
सिक्के-सिक्के की कमाई में,
या राहों का काँटों भरा सफ़र
मैं तुम्हारे साथ ही चलता रहूँगा,
जब तक दिल की बहत्तरवीं धड़कन
अपना आख़िरी गीत तुम पर अर्पित न कर दूँ।
#शांडिल्य