हथेली पर जब तेरी मेहंदी का रंग आया,
दिल ने फिर कोई पुराना ख़्वाब सजाया।
तेरे नाम की लकीरें जो उभर आईं,
चाँद ने भी शरमा के अपना चेहरा छुपाया।
महकी-सी हर साँस, हर पल हुआ हसीन,
तेरी मेहंदी ने जैसे मौसम महकाया।
रंग गहरा हुआ तो दिल ने ये कहा—
तूने चुपके से मुझे अपना बनाया।
#शांडिल्य