Wednesday, May 20, 2026

तुम जब से मेरी ज़िन्दगी में आई हो,
मेरे भीतर की दुनिया बदल गई है।
जहाँ तुम गुजरी हो,
वहाँ सिर्फ फूल ही नहीं,
मेरे अन्दर के डर,
मेरी उलझनें भी धीरे-धीरे पिघल गई हैं।

मेरी आँखों की नदियाँ,
जो कभी अपने ही ग़म में बहती थीं, 
तुम्हारे स्पर्श से शान्त हो गईं। 
और अब हर आँसू मेरे भीतर की 
ख़ुशी की दास्तान कहता है।

तुम मेरी प्रेमिका हो,
लेकिन उससे भी बढ़कर
तुम मेरे मन की स्थिरता हो,
मेरी मानसिक दुनिया की वह शांति 
जो सिर्फ तुम्हारे साथ महसूस होती है। 

तुम्हारी हँसी मेरे लिए थेरैपी है,
तुम्हारी आँखों में मेरी चिंताएँ घुल जाती हैं,
और हर पल तुम्हारे पास रहना 
मेरे मानसिक स्वास्थ्य का 
सबसे बड़ा सहारा बन गया है। 

#शांडिल्य

Saturday, May 16, 2026

"``माँ वह पवित्र बग़ीचा है``" 
जहाँ हमारे डर और थकान के 
छोटे-छोटे फूल धीरे-धीरे खिलते हैं।

उसकी ममता की छाँव में
हमारा मन शांत और 
सुरक्षित महसूस करता है।

पत्नी वह हल्की धूप है 
जो हमारे जीवन की राह में
आनंद,रोमांस और उत्साह 
के फूल खिलाती है। 

उसकी मौजूदगी में...
हमारा हृदय गहराई से धड़कता है,
और जीवन की हर रोज़मर्रा की थकान
स्नेह और चाहत की मिठास में बदल जाती है।

माँ हमें सुरक्षा और स्थिरता सिखाती है,
पत्नी हमें जीवन की खुशी 
और भावनाओं की गहराई।

दोनों के संग, हमारा मन और आत्मा
पूरा, संतुलित और जीवंत महसूस करते हैं।

#शांडिल्य

Wednesday, May 13, 2026

ए सुनो !

तुम्हारा एक आलिंगन
मेरी संज्ञानात्मक पीड़ा को मेरे देहकाय से फोड़कर
क्षितिज के पार अनंत शून्य में विसर्जित कर देता है।

तुम्हारा एक आलिंगन
मेरी कुम्हलाया आत्मा और ऊर्जा को
पुनः उल्लासपूर्ण करता है—
सजीव, दिव्य और अनंत प्राणवान!

और मैं कहूँ तो…
तुम्हारे आलिंगन की छाया
मेरी रूह में बसती है,
जैसे सूरज की पहली किरण
भोर के अँधियारे को चीरती है"! ♥️🌼

#शांडिल्य

Sunday, May 10, 2026

"माँ की आख़िरी 'निशानी'…

मेरे शब्दों में उसकी ममता की परछाईं,
मेरी रगों में उसका साहस,
और मेरी रचनाओं में उसकी दुआओं की गूँज।
मैं एक कवि हूँ—
पर उसके बिना, हर पंक्ति अनाथ-सी लगती है,
जैसे कलम भी उसकी गोद को तलाश रही हो…
.......✍️😥

#शांडिल्य

Monday, May 4, 2026

जब तेरे होंठों पर
वो मधुप्रिया मुस्कान सजी होती है,
तो लगता है जैसे
कायनात का हर रंग 
अपना अस्तित्व खो बैठा हो।

तेरे इस मृदुल हास्य-संगीत पर
प्रकृति भी मानो इतराती है
और शायद!
हंसी की मधुर लहरियों में
फूल भी अपनी सुवास 
जलन में समर्पित कर देते होंगे।

#शांडिल्य

Friday, May 1, 2026


बस दिखावे वाले लोग ही scroll कर देते हैं।
मैं वही लिखता हूँ,
जो कोई जुबाँ से कहने की हिम्मत नहीं जुटा पाता।

जो जज़्बात तुम अंदर घुटा देते हो,
मैं उन्हें खुलकर उजागर करता हूँ।

अगर सच में —
अपनी आत्मा को झाँकना चाहते हो…
तो #Follow' करना अब तुम्हारे लिए अनिवार्य है। 🫀

#शांडिल्य

Wednesday, April 29, 2026

एक प्रेमिका के लिए ~
दुनिया की सबसे भरोसेमंद जगह
उसके यार का कंधा होता है…

"कंधा —
सिर्फ हड्डी और मांस का टुकड़ा नहीं,
ये वो ठोस सहारा है जहाँ मोहब्बत 
और भरोसा जम के बैठा होता है।

जब सिर उस पर टिकता है,
तो सिर्फ शरीर नहीं ठहरता....
दिल और आत्मा की सुकून भरी 
जगह भी वहीं मिलती है।

"सोचो—
समाज और दिल की नज़र से देखें,
सच्चा बंधन और अडिग वफादारी
वो ढांचा है जो ज़िन्दगी के उफान भरे समय में
दिल और दिमाग को संभाले रखता है।

इसलिए....."!
कुछ लड़कियों को महल 
या पैसों का झमेला नहीं चाहिए... 
बस वो भरोसा,ठोस सहारा 
और आत्मा की सुरक्षा चाहिए,
जो उन्हें समाज और अपने अंदर 
दोनों में आराम दे।

#शांडिल्य