हर एक ख़ामोशी में छिपा एक सवाल है,
दिल की हर धड़कन का यही हाल है।
जवाब ढूँढ़ते-ढूँढ़ते उम्र बीत गई,
वक़्त के हाथों कैसा ये कमाल है।
कुछ सवाल आँखों से भी कहे जाते हैं,
लब ख़ामोश हों तो भी ख़याल है।
मोहब्बत का हिसाब कौन कर पाया,
हर जवाब के पीछे नया सवाल है।
#शांडिल्य