Wednesday, February 18, 2026

मेरे शब्दों के आँगन में,
एक दुल्हन सजी है—
जो न किसी की साँझा है,
न कहीं और की परछाई।

ये दुल्हन...
मेरे मन की एकांत स्मृतियों में बसती है।
मेरे लफ़्ज़ों के कंगन,
मेरे ख़यालों की चुनरी ओढ़े—
मैं लिखता हूँ तो वो मुस्कुराती है।

हाँ...
मेरी लेखनी ही मेरी दुल्हन है।"

#शांडिल्य

Monday, February 16, 2026

सुनो—

कितना अजीब है न…
कुछ लम्हे सिर्फ़ पीठ दिखाकर भी 
दिल के सबसे गहरे राज़ कह देते हैं।
तुम्हारे लाल लिबास में 
ढला ये सांझ का रंग,
जैसे कोई अधूरी कहानी,
जो सिर्फ़ आँखों से लिखी गई हो—
बिना एक भी लफ़्ज़ कहे। 

#शांडिल्य

Friday, February 13, 2026

ए सुनो —
न मेरे पास सोने के ख़ज़ाने हैं,
न वैभव के महल…
पर हाँ—
एक वचन है मेरे पास, "कि
मैं तुम्हारे संग रहूँगा जीवन की हर आँधी 
और हर बहार में।
चाहे थकान हो
सिक्के-सिक्के की कमाई में,
या राहों का काँटों भरा सफ़र
मैं तुम्हारे साथ ही चलता रहूँगा,
जब तक दिल की बहत्तरवीं धड़कन
अपना आख़िरी गीत तुम पर अर्पित न कर दूँ। 

#शांडिल्य

Monday, February 2, 2026

ए सुनो…

सातवें फेरे का वह क्षण—
जहाँ समय भी धीरे-धीरे सांस लेता है,
हवा में सिर्फ़ तुम्हारी खुशबू है,
और मेरी धड़कन में सिर्फ़ तुम्हारे नाम की आहट।
साड़ी की लहर में झिल मिलाता चाँद,
माथे की बिंदी में बसता सवेरा,
मांग का कुमकुम हमारे वादों का लालिमा युक्त साक्षी... 
और हाथों की गरमी “दो आत्माओं का अनंत मिलन”।
अब हम केवल दो नहीं,हम एक हैं
एक ऐसी धुन में बँधे हुए,
जिसे समय ही नहीं, सिर्फ़ प्रेम ही समझ सकता है।

#शांडिल्य

Sunday, February 1, 2026

मुझे फ़क़त "समझदार" कहकर फिर समझाया जाएगा,
मुझे विदित है मेरे 'भाग्य-पत्र' में फिर से "समझौता" आएगा।। 

#शांडिल्य

Thursday, January 29, 2026

बारिश की बूंदें याद कर रही तुझे
तेरे एहसासों की याद दिला रही मुझे

बेबस निगाहें याद कर रही तुझे
सुनी बांहे मेरी याद कर रही तुझे

दर्द है गम है जाने क्या क्या है मुझमें
सबसे खास है तेरी कमी खल रही मुझे

अहसास का समंदर उमड़ा पड़ा है अंदर
तेरी पनाहों की जरूरत अब हो रही मुझे।

#शांडिल्य

Tuesday, January 20, 2026

पतझड़ आते ही रहते हैं..
की मधुबन फिर भी खिलते !!
फूलों की महक से भ्रमर ललचाए!

रेत के नीचे  जल की धारा!!
हर सागर का यहाँ किनारा!!
रातों के आँचल में.. छुपा है सूरज प्यारा !

मैं बन जाऊं  नज़र तुम्हारी..
दे दो मुझको  ज़िम्मेदारी!!
तुम मेरी आँखों से.. देखो दुनिया सारी!!

#शांडिल्य