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Thursday, October 20, 2016

आज तो मेरा दिल कहता है तू इस वक़्त अकेला होगा।
मेरे चूमे हुए हाथों से औरों के ख़त लिखता होगा।
-
नासिर काजमी

Friday, February 19, 2016

अब तो मन्ज़िल भी है ख़ुद गर्म-ए-सफ़र,
हर क़दम संग-ए-निशाँ था पहले.
-नासिर काज़मी