Showing posts with label -अब्दुल हमीद अदम. Show all posts
Showing posts with label -अब्दुल हमीद अदम. Show all posts

Thursday, September 22, 2016

तबिअत जब नई उम्मीद से मानूस होती है,
तमन्नाओं में ताजा जिन्दगी महसूस होती है।
-
अब्दुल हमीद 'अदम'

1.
मानूस - आसक्त,

Sunday, August 21, 2016

इंसानियत की बात तो इतनी है शैख़ जी,
बदकिस्मती से आप भी इन्सान बन गए.

-
अब्दुल हमीद अदम

Sunday, July 10, 2016

कहीं मर न जाये सितम सहने वाले,
तगाफुल में थोड़ी-सी तख्फीफ फर्मायें।
-
अब्दुल हमीद 'अदम'

तगाफुल - उपेक्षा, बेतवज्जुही
तख्फीफ - कमी

Saturday, June 25, 2016

साकी मेरे खुलूश की शिद्दत तो देखना,
फिर आ गया हूँ गर्दिशे-दौरां को टालकर।
अब्दुल हमीद 'अदम'
1.
खुलूश - मुहब्बत, प्यार 2.शिद्दत - प्रगाढ़ता
3.
गर्दिशे-दौरां - रोज-रोज के गम