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Monday, August 29, 2016

उतर भी आओ कभी आसमाँ के ज़ीने से,
तुम्हें ख़ुदा ने हमारे लिए बनाया है |

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बशीर बद्र

Monday, May 30, 2016

फूल से आशिक़ी का हुनर सीख ले,
तितलियाँ ख़ुद रुकेंगी सदायें न दे.
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बशीर बद्र

Sunday, April 17, 2016

भूल शायद बहुत बड़ी कर ली,
दिल ने दुनिया से दोस्ती कर ली.

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बशीर बद्र

Wednesday, February 24, 2016

घरों पे नाम थे नामों के साथ ओहदे थे,
बहुत तलाश किया कोई आदमी न मिला |

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बशीर बद्र