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Monday, August 29, 2016

लो आज हम ने तोड़ दिया रिश्ता-ए–उम्मीद,
लो अब कभी गिला न करेंगे किसी से हम.

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साहिर लुधियानवी

रिश्ता = relationship
गिला= complaint

Wednesday, August 10, 2016

मुझे इंसानियत का दर्द भी बख़शा है कुदरत ने,
मेरा मक़सद फ़क़त शोलानवाई हो नहीं सकता |

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साहिर लुधियानवी

फ़क़त = सिर्फ
शोलानवाई = raining 
चार दिन की ये रफ़ाक़त जो रफ़ाक़त भी नहीं,
उम्र भर के लिए आज़ार हुई जाती है,
ज़िन्दगी यूं तो हमेशा से परेशान-सी थी,
अब तो हर साँस गिराँबार हुई जाती है |

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साहिर लुधियानवी


Sunday, February 21, 2016

 
प्यार पर बस तो नहीं हमरा लेकिन फिर भी,
तू बता दे कि तुझे प्यार करूँ या न करूँ,
तूने ख़ुद अपने तबस्सुम से जगाया है जिन्हें,
उन तमन्नाओं का इज़हार करूँ या न करूँ.
- साहिर लुधियानवी