मोहब्बतों ने ये कैसा कमाल कर डाला,
हमें तो उदासियों की मिसाल कर डाला,,
कभी मिले तो पूछेंगे इक दूजे से,
के किस को किस के ग़म ने निढाल कर डाला,,
तू बता उस से क्या कहूँगा मैं,
मेरी उदासी पर जो किसी ने सवाल कर डाला,,
सुना था ज़िन्दगी का सफ़र बहुत मुश्किल है,
मोहब्बत कर के इसे और भी मुहाल कर डाला......
No comments:
Post a Comment