क्या हो तुम?
मेरे लिए मेरी दुनिया हो तुमछू कर जो गुजरी वो हवा हो तुममैंने जो मांगी वो दुआ हो तुमकरे मुझे रौशन वो दिया हो तुमदिल ये कहे मेरा जिया हो तुमकिया मैंने महसूस वो एहसास हो तुममेरी नज़र की तालाश हो तुममेरी ज़मीन और आकाश हो तुममैंने जो चाहा वही ख्वाब हो तुम
No comments:
Post a Comment