Thursday, June 12, 2014

ख्वाब आँखों से अब कोई चुराकर ले जाये,
कब्र के सूखे हुवे फूल उठा कर ले जाये... 

मुन्तजिर फूल मैं खुशबु की तरह हूँ कब से, 
कोई झोंके की तरह आये उड़ा कर ले जाये..

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