Monday, July 7, 2014
आईना कुछ नहीं ,नज़र का दोखा है।
नज़र वही आता है ,जो दिल मे होता है ।
आईना ओर दिल का एक ही फसाना है....
अंजाम दोनों का टूटकर बिखर जाना है
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