Tuesday, July 15, 2014

आपका रिश्ता हमारे सुरों का साज़ हैं !
आप जैसे अपनों पर हमें नाज़ हैं....!!
चाहे कुछ भी हो जाए जिंदगी में !
यह रिश्ता कल भी वैसा ही रहेगा जैसा आज हैं !!


1 comment:

  1. आप के इस शायराना हुनर पे हमें नाज़ हैं...,
    शायरों के जुल्म से पलट गये कंई तख्त-ओ-ताज़ हैं.... !!!

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