Wednesday, October 15, 2014
कितनी जल्दी ये
मुलाक़ात गुज़र जाती है
,
प्यास बुझती नही बरसात गुज़र जाती है
,
अपनी यादों से कह दो न आया करें
,
नींद आती नही और रात गुज़र जाती है.
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment