Friday, November 7, 2014

इस बेनाम रिश्ते को निभाओ किसी रोज !
जो मिले फुरसत तो पास आओ किसी रोज !!
बरसो से मेरा दिल खाली पड़ा हैं......!
तुम अपने नाम की तख्ती तो लगाओ किसी रोज !!

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