Wednesday, December 17, 2014

तेरी आँखों में हमे जाने क्या नज़र आया!
तेरी यादों का दिल पर सरुर है छाया!
अब हमने चाँद को देखना छोड़ दिया!
और तेरी तस्वीर को दिल में छुपा लिया!

No comments:

Post a Comment