Saturday, January 24, 2015

दिल तोड़ना सजा है मुहब्बत की! 
दिल जोड़ना अदा है दोस्ती की!
मांगे जो कुर्बानियां वो है मुहब्बत! 
और जो बिन मांगे कुर्बान हो जाये वो है दोस्ती!

No comments:

Post a Comment