हर एक कश्ती का अपना तजुर्बा होता है दरिया में ,
सफ़र में रोज़ ही
मंझधार हो ऐसा नहीं होता ... !!
सिखा देती हैं चलना
ठोकरें भी राहगीरों को ,
कोई रास्ता सदा
दुश्वार हो ऐसा नहीं होता ... !!!
कहीं तो कोई होगा
जिस को अपनी भी ज़रुरत हो ,
हर इक बाज़ी में दिल
की हार हो ऐसा नहीं होता ... !!!!
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