Tuesday, March 3, 2015
कहर है
,
मौत है
,
कज़ा है इश्क़
सच तो यह है बुरी बला है इश्क़
असरे-ग़म! ज़रा बता देना-
''
वह बहुत पूछते हैं
,
क्या है इश्क़
आफ़ते-जाँ है
,
कोई पर्दा-नशीं
कि मेरे दिल में आ छुपा है इश्क़
देखिए! किस जगह डुबोएगा-
मेरी किश्ती का नाखुदा है इश्क़
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