Thursday, June 4, 2015

बारिशों के मौसम में
दील की सरज़मीनों पर
गर्द क्यों बिखरती है
इस तरह के मौसम में
फूल क्यों नहीं खिलते
लोग क्यों नहीं मिलते
क्यों फ़क़त ये तन्हाई साथ साथ रहती है
क्यों बिछड़ने वालों की
याद साथ रहती है
इतनी तेज़ बारिश से
दिल के आइने पर से
अक्स क्यों नहीं धुलते
ज़ख्म क्यों नहीं मिटते
नींद क्यों नहीं आती

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