Sunday, September 6, 2015

देते है क्यू वो दर्द बस हमी को
क्या समजेंगे वो इन आंखो की नमी को
लाखो दीवाने हो जिस चाँद के

क्या वो महेसूस करेगा एक तारे की कमी को

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