Monday, September 7, 2015

हर शाम से तेरा इज़हार किया करते है
हर ख्वाब मे तेरा दीदार किया करते है
दीवाने ही तो हे हम तेरे

जो हर वक़्त तेरे मिलने का इंतज़ार किया करते हे

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