Wednesday, November 4, 2015

चाँदनी रात मे जब सारा जहाँ सोता हे,
किसी की याद मे कोई बदनसीब रोता हे.
ए खुदा, किसी को महोब्बत मे इतना फिदा ना कर,
अगर करे तो क़यामत तक जुदा ना कर.

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