यह अज्म है जो ले आता है
कदमों तक खींच के मंजिल को,
इस राज को रहबर क्या समझे, इस भेद को मंजिल क्या जाने।
-जगन्नाथ 'आजाद'
1.अज्म - दृढ़ संकल्प या इरादा 2. रहबर - पथप्रदर्शक, रास्ता दिखाने वाला
इस राज को रहबर क्या समझे, इस भेद को मंजिल क्या जाने।
-जगन्नाथ 'आजाद'
1.अज्म - दृढ़ संकल्प या इरादा 2. रहबर - पथप्रदर्शक, रास्ता दिखाने वाला
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