Friday, September 9, 2016
कहने को लफ्ज दो हैं
,
उम्मीद और हरसत
,
लेकिन निहां इसी में
,
दुनिया की दास्तां है।
-
नातिक लखनवी
निहां - गुप्त
,
छिपा हुआ
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