समझता हूँ में जज़्बात तेरे मेरी बात भी तू समझ ज़रा
नाम उसका तू बार बार न ले
कही यह दिल उससे बेवफी न दे दे
चिलमन में आग लगी,है कोई मुझे पानी देदे
गुलिस्ता झुलज़ रहा है,
कोई मुझे दो पल की रवानी देदे
गगन चुंबति यह लपते भस्म कर देंगी मुझे
दिल मैं दफ़न है कई राज़
कोई इस तन्हा दिल तो पनहा देदे
दिल की आच में तो मैं पहेले से ही झुलज़ रहा हूँ
कोरी सदी सुखी है साँसे

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