Wednesday, May 10, 2017

तेरी तस्वीर है आँखों में फ़िर से नीर है आँखों में
दिल में लगता है ख़वाब है इक ताबीर है आँखों में
जिस से है दिल रेज़ा रेज़ा वो तीर है आँखों में
मेरी हालत है राँझे जैसी बस हीर है आँखों में

तेरा अक्स तेरी सूरत तेरी यादें यही जागीर है आँखों में
हश्र इश्क़ के दामन का चीर चीर है आँखों में
जिसको मौत भी नहीं मिलती वो फ़कीर है आँखों में
दिल में आंधियां चलती हैं और धीर है आँखों में


ज़ेहन में मेरे जो सवाल है उसकी तद्बीर है आँखों में
रुसवाई की हवा फ़िज़ाओं में मेरी तक्दीर है आँखों में

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