कोई जैसे मुझे पुकार रहा है,दिल में हलचल है
चोर नजरों से निहार रहा है, दिल मे हलचल है
बादल शबाब पर हैं,घटाओं का रंग गहरा रहा है
वो जुल्फों को संवार रहा है, दिल मे हलचल है
कोई मीठी सी धुन आ रही है,छनछन,छनछन
जैसे पायल को उतार रहा है, दिल मे हलचल है
#शांडिल्य
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