छोड़ो शिकायतें चलो आज कुछ लिखता हूं,
कुछ आधी अधूरी, सूरज सी चमकती
कुछ जागी सी, कुछ अलसाई सी,
सुबह की कलियों में लिपटी मेरे प्यार की बातें
वो मेरा धीरे से अपनी आंखों का खोलना
और सामने तेरा मुस्कुराता चेहरा नज़र आना
जैसे अभी चमका हो सूरज मेरे दिल के आंगन में
#शांडिल्य
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