Wednesday, October 1, 2025

राधा के बिना अधूरे श्याम
जैसे सूरज बिना नहीं सुबह की शाम
ये प्रेम है दुनिया से न्यारा
जहाँ कृष्ण वहाँ राधा का सहारा

बंसी की धुन पे नाचे राधा
प्रेम का रंग है सबसे ज्यादा
श्याम के संग वो जब भी आई
फिर प्रेम की बारिश छा ही गई

#शांडिल्य

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