राधा के बिना अधूरे श्याम जैसे सूरज बिना नहीं सुबह की शाम ये प्रेम है दुनिया से न्यारा जहाँ कृष्ण वहाँ राधा का सहारा
बंसी की धुन पे नाचे राधा प्रेम का रंग है सबसे ज्यादा श्याम के संग वो जब भी आई फिर प्रेम की बारिश छा ही गई
#शांडिल्य
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