जीवन का "अवसाद" कभी भी स्थायी नहीं,
हर 'संघर्ष' में छिपा होता है 'अमूल्य' त्राण।
जो धैर्य से कष्टसाध्य पथ पर चल पड़ता है,
वही अप्रमेय विजय का स्वाद चखता है।
असफलता केवल एक क्षणिक परावर्तन है,
नहीं तो हर क्षण में संपूर्णता के बीज अंकुरित होते हैं।
आज का अस्थिरतम क्षण कल का
अतुलनीय गौरव बन जाता है।
तो चलो,
अविचलित इच्छाशक्ति के साथ उठो,
और उस अज्ञात शिखर को छू लो,
जहाँ केवल वही पहुँचते हैं,
जो अपने संकल्प को अद्वितीय
अग्नि में परिवर्तित कर देते हैं।
#शांडिल्य
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