मुकम्मल हर कहानी हो, ज़रूरी तो नहीं,
हर ख़्वाब को मिल जाए मंज़िल, ज़रूरी तो नहीं।
कुछ रिश्ते अधूरे होकर भी दिल में बसते हैं,
हर प्यार का अंजाम मिलन हो, ज़रूरी तो नहीं।
जो मुस्कुराकर दर्द सह ले, वही सच्चा इंसान है,
हर अश्क का दिख जाना, ज़रूरी तो नहीं।
#शांडिल्य