Friday, December 29, 2023

मेरी हर धड़कन की आवाज हो तुम!
सात सुरों की साज हो तुम !
कैसे तुम बिन जीवन संगीत बने !
मेरे जीवन की सुरमई संगीत हो तुम !
मेरी हर धड़कन की आवाज हो तुम !
कोई लफ्ज़ नहीं लिखने को तेरे वास्ते,
मेरी हर एहसास की धार हो तुम!
बस यही जताना था कि मेरी,
हर धड़कन की आवाज हो तुम!

तेरे बिन सब अधूरा , 
तुझ संग सब परिपूर्ण है!
खुद को मैंने खो दिया, 
मगर तुम मुझमें संपूर्ण है!
नहीं कोई सफ़र तेरे बिन, 
ना कोई मंज़िल की दरकार है
तेरे बिन सब खुशियाँ अधूरी , 
हर खुशियों की धार हो तुम,
मेरी हर धड़कन की आवाज हो तुम!

~~~~ सुनिल #शांडिल्य

Wednesday, December 27, 2023

जिंदगी है
तो जीनी तो पड़ेगी
दुख और सुख
आयेगे और गुजर जायेंगे..
सफर जिंदगी का
हंसते रोते गुजर जायेंगे
सुबह बचपन
दोपहर जवानी
शाम बुढ़ापा
और रात आएगी
हम चांद के बगल का
तारा हो जायेंगे ..
रह जायेगी स्मृतियां
वो भी कुछ दिन बाद विलुप्त हो जाएगी ..
जिंदगी यूं ही जी जाएगी !

~~~~ सुनिल #शांडिल्य

Sunday, December 24, 2023

तेरी मोहब्बत में डूबना ही मेरी किस्मत है
ये वो दरिया है जो तैरकर हमसे पार ना होगा।

सांसें काबू दिल इख्तियार नहीं होगा
अब तेरे सिवा किसी और से हमें प्यार नहीं होगा।

इस जन्म में तुम मिलो ये उम्मीद भी नहीं 
और अगले जन्म तक हमसे इंतजार नहीं होगा।

ले आऊं जमाने भर के फूल भी अगर
तुम बिन जिंदगी में बाहर नहीं होगा।

तुम छोड़ जाओ या ले लो जान भी 
गुमनाम तुमसे कम कभी प्यार नहीं होगा

~~~~ सुनिल #शांडिल्य

Wednesday, December 20, 2023

धड़कनें देख-भाल कर रख दूँ
ला तेरा दिल सम्हालकर रख दूँ

तुझको मुझ पर यकीं न आये तो
मैं कलेजा निकाल कर रख दूँ

तेरे होंठो की प्यास की ख़ातिर
सारे दरिया उछाल कर रख दूँ

आँच है इस क़दर इरादों में
मैं समुन्दर उबालकर रख दूँ

आने वाली है रौनके-महफ़िल
मय पियाले में डालकर रख दूँ

~~~~ सुनिल #शांडिल्य

Monday, December 18, 2023

मैं ढूंढता हूँ तुम्हें..अर्थ भरे शब्द विचारों में 
ढूंढता हो बच्चा जैसे सीपियाँ, समंदर के किनारों में

तुम पथ हो मेरा..मैं राही उस पथ का 
सारथी हो ''तुम'' मेरे जीवन रथ का,

बिछे हुए हैं तुम्हारे स्नेह पुष्प..मेरी पथरीली राहों में
अगर कहीं गिर जाऊं तो,थाम लेना मुझे अपनी स्नेहिल बाँहों में
तुम अक्सर संग रहते हो,गंभीर होते विचारों में 
रोशन करते हो दीपक बन जीवन के अंधियारों में 

~~~~ सुनिल #शांडिल्य

Saturday, December 16, 2023

मैं शब्द भर तुम मेरी शब्दशक्ति !
मैं मूक कलम तुम मेरी अभिव्यक्ति !

मैं करुण-हास्य रस तुम मेरी सरस श्रृंगार !
मैं खंडित वाक्यांश तुम मेरी अलंकार !

मैं बूँद एक पत्थर पर तुम जल भरी सरिता !
मैं चंद छन्द ठहरा तुम मेरी पूरी कविता !

~~~~ सुनिल #शांडिल्य

Friday, December 15, 2023

ये शाम ढल चुकी है, अब तक तूं न आयी।
पता क्या है जिन्दगी का, खलती तेरी जुदायी।।

थक गया हूं चलते-चलते, आके मुझे सम्हालो।
दर्द देख दिल का, रजनी भी मुस्करायी।।

चंदा भी झांकता है, मद्धिम चाँदनी सहारे।
यह दशा देख मेरी, कुमुदिनी खिलखिलायी।। 

~~~~ सुनिल #शांडिल्य