Wednesday, December 17, 2014
प्यार वो हम को,बेपनाह कर गये,
फिर ज़िनदगीं में हम को,तन्नहा कर गये,
चाहत थी उनके इश्क में,फ़नाह होने की,
पर वो लौट कर आने को,भी मना कर गये
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