Monday, December 8, 2014
ये आँसू अब कभी नहीं बहते हैं
,
मन की पीड़ा सबसे नहीं कहतें हैं
,.
अगली बार जब तुम मिले
,
तो हर लम्हा आँखों मे समेट लेंगे
इसी प्रत्याशा में पलकों पे रुके रहते हैं .....
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