Thursday, May 5, 2016

जो ये दौर बेवफा है,तेरा ग़म तो मुस्तकिल हो,
वो हयात-ए-आशिक़ी क्या,जो दवाम तक न पहुंचे.
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याह्या जस्दंवाल्ला

मुस्तकिल = permanent
दवाम = infinity

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