Sunday, November 24, 2024

तेरे दिल में थोड़ी पनाह चाहता हूं
ए सनम मोहब्बत बेपनाह चाहता हूं

तुझे पा सकुं, ऐसी तकदीर मिल जाए
तेरी रहनुमाई में उम्र बीत जाए

दर्द ए मोहब्बत से निजात चाहता हूं
प्यार की एक बरसात चाहता हूं

हर रस्म की एक गांठ चाहता हूं
ताउम्र के लिए सांठगांठ चाहता हूं

~~~~ सुनिल #शांडिल्य

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