Thursday, November 28, 2024

क्या लिखूं कैसे लिखूं लिखना जरूरी है
आईने को सामने रखना जरूरी है

राह खुद ब खुद मंजिल बन जाएगी
एक बार तेरा प्यार में पडना जरुरी है

पछताएगा एक दिन समय जाएगा बीतl
बौराए हैं आम तो सजनी जरुरी है

निश्चित ही मिल जाएगी मंजिल मगर
जीवन का लंबा सफर चलना जरूरी है...!!!

~~~~ सुनिल #शांडिल्य

No comments:

Post a Comment