Monday, February 10, 2025

प्रिय। 
सुखद संसार हो तुम और पहला प्यार हो तुम। 
गीत में जो बह रहे हो भावना की धार हो तुम।।

जब पुकारू मैं तुम्हें तो तुम ह्रदय के पास आना
मौन को जो सुन सके प्रिय वो मधुर एहसास लाना

हो अलौकिक नेह की निधि जिन्दगी का सार हो तुम।
गीत में जो बह रहे हो भावना की धार हो तुम।।

~~~~ सुनील #शांडिल्य

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