क्या लिखू
तूँ तों बस मेरी रूह का खूबसूरत एक राज है
जिसे सब से छुपा के तुम्हें अपनी धड़कनो में बसाया है
मेरे दिल की बेचैनियो का सुकून हों तुम
मेरे ख़्यालों की मेरी साँसों की तूँ वो मेरी साज है
चुपके_से मिलने आती हों तुम सपनो में मेरे
जब सुबह उठ कर ढूंढता हूँ फिर निशान तेरे
~~~~ सुनिल #शांडिल्य
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