Saturday, February 22, 2025

क्या लिखू 

तूँ तों बस मेरी रूह का खूबसूरत एक राज है
जिसे सब से छुपा के तुम्हें अपनी धड़कनो में बसाया है

मेरे दिल की बेचैनियो का सुकून हों तुम
मेरे ख़्यालों की मेरी साँसों की तूँ वो मेरी साज है

चुपके_से मिलने आती हों तुम सपनो में मेरे
जब सुबह उठ कर ढूंढता हूँ फिर निशान तेरे

~~~~ सुनिल #शांडिल्य

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