Wednesday, July 16, 2025

यूँ रंगीन कहानी हो तू मेरी दीवानी हो।  
तब मैं राजा कहलाऊँ जब तू मेरी रानी हो।   

काश वो दिन भी आ जायें रोज़ाना मनमानी हो।  
मन फूलों सा खिल उठ्ठे ऐसी भी शैतानी हो।

तू ही छेड़ ग़ज़ल कोई फिर महफ़िल मस्तानी हो।  
जब भी बिछड़ें हम इन आँखों में पानी हो। 

#शांडिल्य

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