Thursday, July 17, 2025
एक आस हृदय लिए, और अधरों पर प्यास।
प्रेम शब्द का हे सखे, पढ़ रहा मैं इतिहास ।
प्रेम जाल में फँस गया, यह पागल मन मोर।
चित्त चुराकर ले गया,वह प्यारा चितचोर।
तुम हो मेरी प्रेरणा, तु ही हो मेरा प्यार।
तेरी सुधि में खो गया, मेरा दिल यूँ बिमार।
#शांडिल्य
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