Monday, July 28, 2025

दो तन एक प्राण 
प्रणय का करें दोनों मान सम्मान। 

प्रेम का यही श्रृंगार 
अलंकार और उपहार ।

वादा हो जैसा राम ने किया सीता से 
एक पत्नी व्रत निभाऊं जीवन भर तुमसे। 

नहीं जो किया दुष्यंत जैसे 
भूल जायें किया वादा शकुन्तला से ।

#शांडिल्य

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