Wednesday, August 20, 2025

'ओए 'सुन तेरे' बिन—  
ये जीवन एक अधूरा प्रश्न है,  
मानो ऋतु बिना मेघ,  या
मेले बिना रंगों की रश्मि।  
~"मेरी.....""""
हर धड़कन तेरा नाम जपती है, 
तेरी बाहों की शरण में ही  
मैंने सृष्टि का सुन्दरतम स्वप्न देखा...
सुनो—  
अगर कभी लौट सको तो  
मेरी आत्मा की प्यास बुझाने आ जाना,  
सिर्फ मेरे लिए...!!!

#शांडिल्य

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