'ओए 'सुन तेरे' बिन—
ये जीवन एक अधूरा प्रश्न है,
मानो ऋतु बिना मेघ, या
मेले बिना रंगों की रश्मि।
~"मेरी.....""""
हर धड़कन तेरा नाम जपती है,
तेरी बाहों की शरण में ही
मैंने सृष्टि का सुन्दरतम स्वप्न देखा...
सुनो—
अगर कभी लौट सको तो
मेरी आत्मा की प्यास बुझाने आ जाना,
सिर्फ मेरे लिए...!!!
#शांडिल्य
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