Friday, September 19, 2025

जन्मांतरो के लिए मुझे
धारण करने दो तुम्हारा रंग

इसमे ही समाया मुक्ति
का वास्तविक मंत्र 

जप , तप , ध्यान
इसी मे अवशिष्ट है ,

प्रेम बिन तो जीव
प्राण तत्व विहीन है 

तुम्हारे प्रेम के बिन तो
मुझे संसार भी स्वीकार्य नहीं 

#शांडिल्य

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