दुनिया में किसी हमसफर के बिना जिंदगी अधूरी है
कोई हमसफर पाने की आस में ही जिंदगी गुज़र गई
जब तक रहा इश्क से अंजान न निकली दर से कभी
अब नेक हमसफ़र की तलाश में ही जिंदगी गुजर गई
मेरी ख्वाहिश है उनसे मिलके दिल की बात बताऊंगा
दिल में बनते बिगड़ते,अहसास में जिंदगी गुज़र गई
#शांडिल्य
No comments:
Post a Comment