Wednesday, October 15, 2025

दुनिया में किसी हमसफर के बिना जिंदगी अधूरी है
कोई हमसफर पाने की आस में ही जिंदगी गुज़र गई

जब तक रहा इश्क से अंजान न निकली दर से कभी
अब नेक हमसफ़र की तलाश में ही जिंदगी गुजर गई

मेरी ख्वाहिश है उनसे मिलके दिल की बात बताऊंगा
दिल में बनते बिगड़ते,अहसास में जिंदगी गुज़र गई

#शांडिल्य

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